राम कहानी सुनो श्री राम कहानी

पारंपरिक
महादेव भजन राम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

राम कहानी सुनो श्री राम कहानी,

कहत सुनत अवि अखियां में पानी,

राम कहानी सुनो श्री राम कहानी,

दसरथ के राज दुलारे कोश्लाया के आँख के तारे,

वे सूर्ये वंस के सूरज वे रघुवर के उजियाले,

राजीव नयन बोले मधुवरी वाणी,

राम कहानी सुनो श्री राम कहानी,

शिव धनुष भंग करके ले आये सीता वर के,

घर त्याग भये वनवाशी पितु की आज्ञा सिर धर के,

लखन ले सिया संग छोड़ी राजधानी,

राम कहानी सुनो श्री राम कहानी,

कल बेष बीक्शु का कर के,

बिक्शा का आग्रह कर के,

उस यनक सुता सीता को छल बल से ले गया हर के,

बड़ा दुःख पावे राजा राम जी की रानी,

राम कहानी सुनो श्री राम कहानी,

जीरा मन मोहे पटायो अमिन राम दूत बन आइयो,

सीता माँ की सेवा में रघुवर का संदेसा लाइयो,

और संग लाइयो प्रभु मुद्रिका निशानी,

राम कहानी सुनो श्री राम कहानी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।