मेरे सर पे झुंझनवाली चुनरिया डाल के रखती है

सौरभ मधुकर
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दिखलाये ये जोर बदरिया कितना बरसती है,

मेरे सर पे झुंझनवाली चुनरिया डाल के रखती है |

चुनड़ी की छाँव में रहते बरस कई बीत गए जी,

सर से कभी हटे ना चुनड़ी,इतना हम सीख गए जी,

इस चुनड़ी के रहते मुसीबत छू नहीं सकती है,

मेरे सर पे झुंझनवाली चुनरिया डाल के रखती है |

दिखलाये ये जोर बदरिया कितना बरसती है,

मेरे सर पे झुंझनवाली चुनरिया डाल के रखती है |

Incomplete lyrics

भजन गायक - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।