मैया की चुनरिया नौ रंग की

प्रेम(बालाघाटी)
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नौ रंग की, नौ रंग की, मैया की चुनरिया नौ रंग की,

आगे पीछे,दांए,बांए,उड़े चुनरिया रंग रंग की,

एकम के दिन लाल चढ़ाऊं,दूजे चढ़ाऊं हरे रंग की,

नौ रंग की....

तीज के दिन नीली चढ़ाऊं, चौथे दिन बैगन रंग की,

नौ रंग की....

पंचमी के दिन पीली चढ़ाऊं,छठमी केसरिया रंग की,

नौ रंग की......

सप्तमी के दिन श्वेत चढ़ाऊं,अष्टमी को गुलाबी रंग की,

नौ रंग की ...

नवमी के दिन काली चढ़ाऊं,प्रेम महाकाली के रंग की,

नौ रंग की.....

गायक: गिरधर महाराज ।

लेखक:प्रेम(बालाघाटी)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।