वो तो सिंह चढ़ आए

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

~ वो तो सिंह चढ़ आए ~

(तर्ज - मुख मुरली बजाय)

वो तो सिंह चढ़ आए, मैया सिंह चढ़ आए...

जगदम्बे काली भवानी...

अरे अरे जगदम्बे काली भवानी...

जगदम्बे गौरी भवानी...

भोला डमरू बजाय, मैया हर्षाए...

जगदम्बे काली भवानी...

अरे अरे जगदम्बे काली भवानी...

जगदम्बे गौरी भवानी...

छुनुर छुनुर पैरी बाजे रे...

अरे छुनुर छुनुर पैरी बाजे रे...

चुनर लहराए... चुनर लहराए...

जगदम्बे काली भवानी...

अरे अरे जगदम्बे काली भवानी...

जगदम्बे गौरी भवानी...

वो तो सिंह चढ़ आए, मैया सिंह चढ़ आए...

जगदम्बे काली भवानी...

मोहनी सुरतिया है मां की...

अरे मोहनी सुरतिया है मां की...

मनवा हर्षाए... मनवा हर्षाए...

जगदम्बे काली भवानी...

अरे अरे जगदम्बे काली भवानी...

जगदम्बे गौरी भवानी...

वो तो सिंह चढ़ आए, मैया सिंह चढ़ आए...

जगदम्बे काली भवानी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।