मर्ज़ी तेरी है थामो ना थामो मेरा हाथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मर्ज़ी तेरी है थामो ना थामो मेरा हाथ

मैंने सुना है सबसे हारे का साथी बनके देते तुम साथ

अखबारों में रोज मैं देख रहा

जाते हो तुम कान्हा कहाँ कहाँ

खातिर वो ज्यादा करते या तुम हो उनसे डरते बतलाओ श्याम

मर्ज़ी तेरी है थामो ना थामो मेरा हाथ

एक बात मैं तुमसे पुछूं श्याम

मांझी बनने का लेते क्या दाम

श्याद ये तुझको खटके आँखों से आंसूं टपके बनके सौगात

मर्ज़ी तेरी है थामो ना थामो मेरा हाथ

क्युं गरीब यूँ ही रहे रोता

क्या उनका परिवार नहीं होता

ऊपर से खुश दीखते हैं दिल में रोते रहते हैं ये हैं हालात

मर्ज़ी तेरी है थामो ना थामो मेरा हाथ

दिनों पे जो दया नहीं करता

कोई हो वो श्याम ना हो सकता

कहता पवन ना छूटे ये भरोसा ना टूटे रख लेना बात

मर्ज़ी तेरी है थामो ना थामो मेरा हाथ

मैंने सुना है सबसे हारे का साथी बनके देते तुम साथ

तर्ज़: किस्मत वालों को मिलता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।