ओ मेरा बाबा लखदातारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरा बाबा लखदातारी..

करे लीले की सवारी..

जय श्री श्याम रे... हो जय श्री श्याम रे...

तू तो तीन बाण का धारी...

तेरी महिमा जग से न्यारी...

जय श्री श्याम रे... हो जय श्री श्याम रे...

सबका रखवाला वो बाबा,

मेरा खाटू वाला जी, मेरा खाटू वाला...

हारे का बने सहारा श्याम रे...

हो जय श्री श्याम रे...

बिछड़े मिलाए बाबा...

दुखड़े मिटाए जी, दुखड़े मिटाए...

खाटू में बना के बैठा धाम रे...

हो जय श्री श्याम रे...

ओ मेरा बाबा लखदातारी..

करे लीले की सवारी..

जय श्री श्याम रे... हो जय श्री श्याम रे...

सर पे तेरे पीला बागा...

केसर चंदन सजे है माथा...

काजल नैन घलाए जी, काजल नैन घलाए...

मेरे बाबा.. जय हो...

सर पे तेरे ओ बाबा, मोरपंखियां साजे...

कानों में कुंडल साजे जी, कानों में कुंडल साजे...

लागे तेरा रूप सोणा श्याम रे...

हो जय श्री श्याम रे...

ओ मेरा बाबा लखदातारी..

करे लीले की सवारी..

जय श्री श्याम रे... हो जय श्री श्याम रे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।