मेरे बाबा को भी ग्यारस का इंतज़ार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा को भी, ग्यारस का इंतजार रहता है,

वो श्याम धणी, भक्तों के लिए बेकरार रहता है...

मेरे बाबा को भी, ग्यारस का इंतजार रहता है...

सारी दुनिया कहती फिरती, बाबा एक सहारा...

आकर मुझे संभालो बाबा, मैं किस्मत का मारा...

मुझको बाबा, बस तुझ पे ऐतबार रहता है...

मेरे बाबा को भी, ग्यारस का इंतजार रहता है...

सुना है मैंने, करते हो तुम सबकी मुरादें पूरी...

अपने इस बेटे से फिर क्यूं, बना रखी है दूरी...

बाबा तेरे भरोसे, ये संसार रहता है...

मेरे बाबा को भी, ग्यारस का इंतजार रहता है...

मैं हूं निर्धन, मुझे बुलाने कोई जुगत लगाओ...

दूर तुम्हारा दर है बाबा, मुझको पास बुलाओ...

क्यूं लाल तेरा, तेरे होते लाचार रहता है...

मेरे बाबा को भी, ग्यारस का इंतजार रहता है...

मन करता है मेरा, कि मैं खाटू में बस जाऊं...

तेरे दर पे बैठ के बाबा, मीठे भजन सुनाऊं...

मेरे भरोसे, लेकिन इक परिवार रहता है...

मेरे बाबा को भी, ग्यारस का इंतजार रहता है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।