मैया तो मेरी न्यू बोली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया तो मेरी न्यू बोली ,तने करदु माला माल,

बढ़िया सी तेरी कोठी बनावा दू,

जाली दार किवाड़ जड़ वादू,

फेर मैया न्यू बोली मेरा स्व मणि का भोग,

मैया तो मेरी न्यू बोली

बड़ियाँ सी तन्ने गाडी दिलवा दू,

मोबाइल पे बात करवादु,

फेर मैया न्यू बोली मेरी धुरकी लाओ जात

मैया तो मेरी न्यू बोली

बड़ियाँ सी तेरे बैंस बनवा दू,

घी पूरा के ठाठ करवा दू,

फेर मैया न्यू बोली मेरी देसी घी की ज्योत,

मैया तो मेरी न्यू बोली

घर में तेरे फूल खिला दू,

बहु बेटियां की लाड लगा दू,

फेर मैया न्यू बोली तेरे पोते खेले चार

मैया तो मेरी न्यू बोली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।