माँ तेरे दर पे प्यार आया है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ तेरे दर पे प्यार आया है सदियों से बेशुमार आया है,

माँ भवन में हो या मन में हमारे हर पेहर में मैं तो भाग्यवान हु,

माँ तुम्हारी शरण में जब भी आउ तुम्हको पुजू और तेरी नजर में रहु,

माँ के आशीर्वाद से जहां पाया है,

माँ तेरे दर पे प्यार आया है सदियों से बेशुमार आया है,

इस भरे जग में अकेला था तेरा ही आसरा बस सहारा था,

तेरी भक्ति से माँ पूरी हर कामना जग मगा ता रहु मैं शहर बर में,

ठहरी कश्ती का पतवार आया है,

माँ तेरे दर पे प्यार आया है सदियों से बेशुमार आया है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।