अनगिनती है तेरे नाम शेरोवाली माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अनगिनती है तेरे नाम शेरोवाली माँ,

हर नाम को लाखो परनाम शेरोवाली माँ,

ज्योति वाली माँ ज्योति वाली माँ,

तेरी ज्योत जगे दिन रात,सुख संध्या सुमन प्रभा,

हो मंगल माये परिवार ज्योति वालिये माँ

गूंजे तेरा गुण गान,नोशावर तन मन प्राण,

अभिनन्दन आठो याम शेरोवाली माँ,

माँ तेरा दिव्ये परशाद जो ऐसा तेरा परशाद,

तेरा जन जन धन निधान शेरोवाली माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।