भगत का मान कभी टलता नहीं

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सब कुछ बदल जाता है यहाँ,पर लेख विधि का बदलता नहीं,

प्रभु का मान भले टल जाए,भगत का मान कभी टलता नहीं,

भगत का मान कभी टलता नहीं.....

मीरा हो गई तेरी दीवानी,इकतारे पे भजन किया,

तेरे भगत को चैन से मोहन राणा ने जीने ना दिया,

फिर कोई ना करता भरोसा,विष अमृत जो बनता नहीं,

प्रभु का मान भले टल जाए,भगत का मान कभी टलता नहीं,

भगत का मान कभी टलता नहीं.....

भरी सभा में द्रुपद सुता का चीर दुशासन हरने लगा,

पांडव कुल की पटरानी के आँख से आंसू झरने लगा,

फिर कोई ना करता भरोसा,चीर द्रौपदी का जो बढ़ता नहीं,

प्रभु का मान भले टल जाए,भगत का मान कभी टलता नहीं,

भगत का मान कभी टलता नहीं.....

हे प्रभु तेरे भगत को मेरा बारम्बार है प्रणाम,

बनवारी मैं किस लायक हूँ,देना चरणों में स्थान,

प्रभु से मिलना बड़ा सरल है,भक्त प्रभु का मिलता नहीं,

प्रभु का मान भले टल जाए,भगत का मान कभी टलता नहीं,

भगत का मान कभी टलता नहीं.....

सब कुछ बदल जाता है यहाँ,पर लेख विधि का बदलता नहीं,

प्रभु का मान भले टल जाए,भगत का मान कभी टलता नहीं,

भगत का मान कभी टलता नहीं.....

भजन गायक - सौरभ मधुकर

प्रस्तुतकर्ता - संस्कार टीवी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।