मेरा बाबा लखदातारी करता लीले की सवारी

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा बाबा लखदातारी करता लीले की सवारी मेरा श्याम रे खाटू श्याम रे,

इस की महिमा सब से न्यारी सारे जग में साहूकारी मेरा श्याम रे बाबा श्याम रे,

खाटू में है धाम निराला अद्भुत सूंदर प्यारा शिवाला मेरे श्याम धनि का सांवरियां ,

जिस पर मोर छड़ी घूमते उसकी साड़ी पीड़ा मिटाते मोर छड़ी मतवाला,

मेरा बाबा है दातारि ये तो कहती दुनिया सारी बाबा श्याम रे बाबा श्याम रे,

भक्तो पर खुशिया बरसता हार को पल में जीत बनाता हारे हुयो को सहारा मेरा बाबा,

भक्तो पर करता है रेहमत पल में बदले सब की किस्मत मेरा श्याम निराला,

सब का है ये पालनहारी सृष्टि का है रचना कारी मेरा श्याम रे मेरा श्याम रे ,

जिस पर होता हाथ श्याम का जप्त है जो नाम श्याम का कभी न संकट आये,

कश्यप का हर संकट काला सब का है ये रखवाला मेरा श्याम सांवरिया,

केशव का है ये अवतारी अपने भगतो का हितकारी,

बाबा श्याम रे बाबा श्याम रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।