दिल दा हाल सुनाना माँ नु

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दिल दा हाल सुनाना माँ नु,

आज मैं दर्द दिखाना माँ नु आज मैं दर्द दिखाना,

भोली भाली मैया मेरी,

हस के पड़ दी मैया मेरी,

तेरा रज रज दर्शन पाना,

दिल दा हाल सुनाना माँ नु

श्रिष्टि देखे नाते देखे,

झूठे सारे वादे देखे,

ओ तेरा धर्मा मेरा ठिकाना,

दिल दा हाल सुनाना माँ नु

दुहाइयाँ दितियाँ गवाहियां दितियाँ,

पर न किसे नु सचाइयां दिखियाँ,

ओ मेरा सच माँ तू ही ठिकाना,

दिल दा हाल सुनाना माँ नु

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।