हुआ दीदार साई का हुआ दीदार साई का

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जो दिल पे गुजर ती है वो साई को खबर है,

साई तेरी किरपा का हुआ ऐसा असर है,

आँखों में साई बाबा का बस शिरडी नगर है,

हुआ दीदार साई का हुआ दीदार साई का,

साई तेरे चरणों में आराम मिला है,

जलवा मेरे साई का सुबहो शाम मिला है,

बाबा की शरण में मुझे समान मिला है,

साई तेरी सूरत में तो भगवान् मिला है,

हुआ दीदार साई का हुआ दीदार साई का,

जिस वक्त्र चलने फिरने से लाचार हो गया,

आँखों की रौशनी गई बीमार हो गया ,

साई के कर्म से मिली आँखों की रोशनी,

साई का मुझपे ऐसा चमत्कार हो गया,

हुआ दीदार साई का हुआ दीदार साई का,

सब की जुबा पे साई का चर्चा सुनाई दे,

साई तू मेरा चाँद का टुकड़ा दिखाई दे,

सूरत में तेरी नूर खुदा देख रहा हु,

चारो तरफ ही साई का जलवा दिखाई दे,

हुआ दीदार साई का हुआ दीदार साई का,

शिरडी के साई ने मुझे शिरडी में भुलाया,

साई ने मेरा सोया हुआ भाग जगाया,

अतहर भी माला जपता है बस साई नाम की,

हर इक को साई बाबा ने जलवा है दिखलाया,

हुआ दीदार साई का हुआ दीदार साई का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।