तेरा मेरे परिवार पे है बड़ा श्याम उपकार रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा मेरे परिवार पे है बड़ा श्याम उपकार रे,

मुझको अपने दिल में रखना तुम भी मेरे दिल में रहना,

यही मेरी अरदास रे,

तेरा मेरे परिवार पे है बड़ा श्याम उपकार रे,

बचपन में जब माँ की गोद में चीख चीख कर रोता था,

तेरी गोद में रख ते सिर बड़े चैन से सोता था,

यही कहानी मेरी मैया मुझे कहे दिन रात रे,

तेरा मेरे परिवार पे है बड़ा श्याम उपकार रे,

ये तन मन जीवन धन सब कुछ कर दियां तुझपर अरपन मैं,

दिखने लगी है तेरी सूरत मेरे मन के दर्पण पे,

मेरी सांसे अपने गले का बना ले रखना हार रे,

तेरा मेरे परिवार पे है बड़ा श्याम उपकार रे,

संजीव बोले सेठ संवारा कभी ये लागी छूटे न,

रूठे वैरी दुनिया रूठे मुझसे कभी तू रूठे न,

हर जन्म अपने चरणों का बना के रखना दास रे ,

तेरा मेरे परिवार पे है बड़ा श्याम उपकार रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।