आता है सारा जमाना शेरावाली के दर पे

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आता है सारा जमाना शेरावाली के दर पे,

काली के दर पे ज्योतावली के दर पे,

आता है सारा जमाना शेरावाली के दर पे,

जिस का नहीं कोई जग में सहारा,

जग में सहारा मैया जग में सहाराम,

उसका है असली ठिकाना लाटा वाली के दर पे,

काली के दर पे ज्योतावली के दर पे,

आता है सारा जमाना शेरावाली के दर पे,

जो झोलियाँ खाली लेकर है जाता,

आता है भार के खजाना मेहरा वाली के दर पे

काली के दर पे ज्योतावली के दर पे,

आता है सारा जमाना शेरावाली के दर पे,

धरती पे देवी का असली ये घर है,सुर नर मुनि नर सब ने माना ,

पहाड़ा वाली के दर पे,

काली के दर पे ज्योतावली के दर पे,

आता है सारा जमाना शेरावाली के दर पे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।