मुझे मेरी मैया जी का प्यार चाहिये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे मेरी मैया जी का प्यार चाहिये,

आस लगी है माँ के दर्शन की,

प्यासी प्यासी आँखों को दीदार चाहिए,

मुझे मेरी मैया जी का प्यार चाहिये,

तेरे दरबार भुलाले मैया चरणों से अपने लगा ले मैया,

दुनिया से मुझ कुछ लेना नहीं बस मुझे अपना बना ले मियां,

सोना नहीं चांदी नहीं हीरे मोती मुझे बस माँ का दरबार चाहिये,

मुझे मेरी मैया जी का प्यार चाहिये,

ज्योत तेरे नाम की जलाई है आँखों में माँ तू समाई है,

देखु जहां मैं तू ही तू तू जग की महामाई है,

चरणों में तेरे चारो धाम दीखते मुझे नहीं झूठा संसार चाहिये,

मुझे मेरी मैया जी का प्यार चाहिये,

देख ले दुनिया दीवाना ये मतलब की मस्तानी,

मतलब के रिश्ते नाते सच्ची है आंबे रानी,

दुनिया ने बहुत रुलाया है खुशियों की तुझसे बहार चाहिए,

मुझे मेरी मैया जी का प्यार चाहिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।