आये माँ के नवराते हर भक्त हुआ मतवाला

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आये माँ के नवराते हर भक्त हुआ मतवाला

घर घर माँ की ज्योत जगी है घर घर हुआ उजियाला

जैकारा शेरवाली दा

बोल सांचे दरबार की जय

ज्योत जगाओ माँ को मनाओ करलो माँ के जगराते

आये माँ का नवराते भई आये माँ के नवराते

नवरातों में शेरोवाली सबको खुशियां बांटे

फूलों से झोली भर देती चुनती राह के कांटे

चुनरी चढ़ाओ जय माता दी

हार पहनाओ जय माता दी

भक्तों पे मैहर बरसाते

आये माँ का नवराते

सुन्दर भवन सजा है माँ का लाल ध्वजा लहराए

सबकी मन्नत पूरी करती जो दरबार में आये

अर्ज़ लगाओ जय माता दी

सर को झुकाओ जय माता दी

बिगड़े काम बनाते

आये माँ का नवराते

ऐ लक्खा चल दिल से बस माँ के भजन तू गए ले

गिरी बोलो के जय माता दी जीवन सफल बना ले

ध्यान लगाओ दर्शन पाओ

सारे कष्ट मिटाते

आये माँ का नवराते

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।