मैया तुझे पुकारता हूँ मैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैया तुझे पुकारता हूँ मैं

अपना जीवन ये रो रो गुज़ारता हूँ मैं

मै तुझे..............

जबसे होश संभाला मैंने धोखा ही है खाया

जिसको अपना समझा मैंने सबने ही ठुकराया

भीगी अँखियों से तुमको निहारता हूँ मैं

मै तुझे..............

सबका होना चाहा मैंने कोई हुआ ना मेरा

स्वारथ के रिश्तों ने मुझको चारों और से घेरा

झूठे रिश्तों का बोझा उतारता हूँ मैं

मै तुझे..............

नहीं है कोई सहारा मेरा मुझको सहारा दे दो

बीच भंवर में मेरी नैया उसको किनारा दे दो

हूँ अकेला कभी तो महारता हूँ मैं

मै तुझे..............

खोल के मैया तुझको मैंने अपना दिल दिखलाया

अपनी तकलीफों का हरी ने सारा हाल सुनाया

मुझको अपना लो दामन पसारता हूँ मैं

मै तुझे..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।