जय हो शक्तिदादी री

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॥ पावन पाठ ॥

धारा धरती विराजनो माँ ,

दीदी शक्ति लियो अवतार,

जय हो शक्तिदादी री ....

जोशी कुल ने तरियो मां ,

थारी महिमा अपरम्पार

जय हो शक्ति दादी....

कोटासर में सोहन मन्दिर ,

थारी ध्वजा फरूक आसमान,

जय हो..

शुदी सातम को मेलो भारी ,

थारे आवे नर और नार,

जय हो...

ढोल नगरा झालर बाजे,

थे भगत करे जय जय कार,

जय हो शक्त....

राधे जोशी री विनती मां ,

म्हारो बेड़ो कीजो पार,

जय हो...

Singer_laxman singh harshollaw

&

Lyrics_Radhe joshi

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।