हार गया मैं सांवरे मुझे तू ही संभाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हार गया मैं सांवरे मुझे तू ही संभाले

बीच भंवर में फांसी है नैय्या तू ही निकाले

हर गया में सांवरे ............

रिश्ते नाते निभाते निभाते थक सा गया हूँ

आके तेरे इन चरणों में रुक सा गया हूँ

बांह पकड़ के मुझको अपने चरणों से लगा ले

हर गया में सांवरे ............

सुख में सारे साथ खड़े थे मेरे अपने

दुःख का बादल छाने लगे तो टूटे सपने

बांह पकड़ के सांवरे मुझको चलना सिखा दे

हर गया में सांवरे ............

मुझको छोड़ा है अपनों ने ग़म ही नहीं है

मेरे सर पे हाथ तेरा ये कम ही नहीं है

राज मित्तल को भी बाबा अपना बना ले

हर गया में सांवरे ............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।