जादू भरे तोरे नैना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जादू भरे तोरे नैना,नैना रे नैना,

जादू भरे ......

भ्रकुटी में है चितवन बांकी,

मन को मोहे तेरी झांकी,

ऐसे ही सदा तुम रहना,नैना रे नैना........

तेरी नजर से घायल हूं मैं,

छवि का तेरी कायल हूं मैं,

तेरे बिन मोहे चैन पड़े ना,नैना रे नैना........

नैना तोरे प्यारे रस बरसावें,

रोम रोम में प्रेम जगावें,

और बोले मीठे बैना,नैना रे नैना..........

मोर मुकुट घुघराली अलखें,

नैनन की रखवारी पलकें,

काहे मटकाए दिन रैना,नैना रे नैना........

मै तो तेरे दर पे आया,

चरणों में तेरे शीश झुकाया,

क्यों मेरी टेर सुनें ना,नैना रे नैना.......

अवधेश राणा,मथुरा

6395870827

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।