सांवरिया की कसक जिया में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिया की कसक जिया में,चैन एक पल आवे ना,

ऐसो रंग चढ़ायो तेने,और रंग कोई भावे ना,

तेरे केश घने हैं कारे,मोटे नैना कजरारे,

नागिन सी लट घुघरारी,ऐ श्याम पिया मतवारे,

मतवारी तेरी चाल सलोनी,क्यों मेरे घर आवे ना,

ऐसो रंग चढ़ायो....................

तेरे संग में राधा प्यारी लगती है सबसे नियारी,

अद्भुत है छवि तुम्हारी,श्री राधारमण बिहारी,

इस युगल छवि पे मे जाऊ,क्यों मोहे दरश करावे ना,

ऐसो रंग चढ़ायो...................

रो रो के समय बिताऊं,तेरे विरह मै मर जाऊं,

मुझे चैन पड़े ना तब तक,जो मै तेरा ना हो जाऊं,

एक बार अपनाले प्यारे,अब ज्यादा तड़पावे ना,

ऐसो रंग चढ़ायो...................

अवधेश राणा,मथुरा

6395870827

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।