जीवन की डोर तुमसे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीवन की डोर तुमसे बांधी है सांवरे,

दर्शन की भीख दे दो नैना हैं बावरे,

तेरी ही याद में हम दिन रात जल रहे हैं,

जग की है आश टूटी गिर गिर के चल रहे हैं,

अब तो मुझे बनाले तेरा दास सांवरे,दर्शन.........

ढूंढा गली गली भटका डगर डगर में,

दिल हो गया दीवाना मोहन तेरे नगर में,

पागल बना हूं तेरा मेरे यार सांवरे,दर्शन............

तेरे सिवा नहीं है मेरा दूसरा सहारा ,

आजा रे मीत आ मिल सबको है तुमने तारा,

कर दो कृपा की मुझपे एक कोर सांवरे,दर्शन.......

दर पे मैं आया तेरे चरणों में अपने रखना,

मैं तो हूं पतित पापी करुणा की दृष्टि रखना,

ले लो शरण में मुझको एक बार सांवरे,दर्शन.........

अवधेश राणा,मथुरा

6395870827

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।