आजा मोरे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मथुरा ढूंढ़ो,गोकुल ढूंढो, ढूंढो ब्रिज चौरासी,

आजा मोरे श्याम,अखियां दर्शन की प्यासी,

दिल में तेरा प्यार बसाया,

दिल को ये कैसा मैंने रोग लगाया,

मुझ दुखिया पर तरस ना आया,

कैसा तू मथुरावासी,आजा मोरे श्याम............

गंगा की धार देखी पाया ना ठिकाना,

कहां पे मिलोगे कान्हा जरा ये बताना,

सुन के पुकार मेरी जल्दी से आना,

मेरा मन दर्शन अभिलाषी,आजा मोरे श्याम.........

दिल ने तुमको याद किया है,

कैसा जुदाई का ये दर्द दिया है,

तेरे बिन लागे ना जिया है,

छाई है घोर उदासी,आजा मोरे श्याम........

अवधेश राणा,मथुरा

6395870827

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।