बरस दिना में आवे री गोरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरस दिना में आवेै री गोरी, होरी आज मनाय लेै री,

फागुन के दिन चार सखी,तू रसिया ते बतराय लेै री,

हम है रसिया तुम गोरी,बढी खास बनी ये जोडी,

सुन ले ग्वालिन मतवारी, खेलेंगे तो संग होरी,

ये अवसर होरी को गोरी, जीवन आज बनाय लेै री।फागुन के दिन चार ……

क्यों लाज करेै तू गोरी, लगवाय लेै मुख ते रोरी,

जो सूधी नाय बतरावेै, तौ श्याम करे बरजोरी,

ऐसोै अवसर फिर न मिलेैगोै, हंस हंस के बतराय लेै री। फागुन के दिन चार सखी ……

सुन लेै तू नारि नवेली, क्यों बैठी भवन अकेली,

रसिया बिन सूनोै जावेै, तेरोै जोबन अलबेली,

रोज रोज रसिया ना आवेै,हस के रंग लगवाय लेै री। फागुन के दिन चार सखी ……

अवधेश राणा,मथुरा

6395870827

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।