रंग डार गयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रंग डार गयौ, चुनरिया पे मेरी श्याम रंग डार गयौ ...

ग्वाल वाल संग श्याम के, बरसाने कूं जाये,

रंग गुलाल उडात सब, मुरली मधुर बजायें।

रंग लेेेै मार गयौ, चुनरिया पे ....

जो भी पावे गैल में, नैक नंहि शर्मायें,

गलन गुल्चा मार के, संग उठा ले जायें।

नजरिया मार गयौ, चुनरिया पे ......

बरसाने ढूंढन लगे, राधे जी कोेै द्वार,

रंग बसंती उड रह्यौ, ठाड़े बीच बाजार।

चुनरिया फार गयौ, चुनरिया पे ....

ललिता संग राधा खडी, पिचकारी ले हाथ,

बृज में होली श्याम की, देखें भोलेनाथ।

नैना मार गयौ, चुनरिया पे ....।

अवधेश राणा,मथुरा

6395870827

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।