भोला सूझी क्या बुढ़ापे में तुझे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोला सूझी क्या बुढ़ापे में तुझे

पिये रहते हा पिये रहते भांग का गोला

ओ भोला......

हम से तो अच्छी है भोले ये कलयुग की नारी ,

अपने पति के संग मैं घूमे पहन के सुंदर साडी

हा भोला......

चलो किसी अच्छे से पार्क में खाये भटूरा छोला,

चाउ मीन बर्गर के संग में पिये पेप्सी कोला

हा भोला......

बरसो से जो बड़ी हुई है दाड़ी जटा कटाओ,

क्लीन शेव होकर के भोले गोविंदा बन जाओ

हा भोला......

जीन्स पेन्ट ओर शर्ट पहन कर बदलो ये स्टायल ,

एक लेलो हीरो होंडा ओर एक मोबाइल

हा भोला......

इस त्रिशूल डमरू का भोले काहे भार उठाओ-२

Ak 47 लेलो जेम्सबोंड बन जाओ

हा भोला सूझी क्या बुढ़ापे में तुझेजैसवार

पिये रहते हा पिये रहते भांग का गोला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।