मैया जी तेरी बल्ले बल्ले

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नच्चां मैं सबनू नचावां,मैया जी तेरी बल्ले बल्ले

भेटां प्यारी प्यारी गावां,मैया जी तेरी बल्ले बल्ले

खुशियाँ मिल के मनौंदे सारे,जम के नचदे भगत पियारे

चुनरी भेंट चढ़ावां,मैयाजी तेरी बक्ले बल्ले

साडी वी सुन ले अरदासां,पूरी कर दे मन दी आसां

चरणां च शीष झुकावां,मैयाजी तेरी बल्ले बल्ले

बचेयाँ दी लाज रख लै माई,विनती करदा मोहित साईं

दिल नाल तैनू मनावां,मैयाजी तेरी बल्ले बल्ले

Writer :- मोहित साईं(अयोध्या) 9044466616

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।