बैठी हो चुप क्यों माता जी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बैठी हो चुप क्यों माता जी बोलो कया बात है,

भगतो के संग झूलो जागे की रात है,

बैठी हो चुप क्यों माता जी बोलो कया बात है,

दुल्हन बनाया है तुम्हे भक्तो ने झूम के,

ये हो रहे है वनवारे कदमो को चुम के,

भगतो के आयी माता जी सज के बरात है,

भगतो के संग झूलो जागे की रात है,

ऐसे गजब समा है माँ मस्ती सी छा रही,

मुस्कान तेरी मात जी कया जुलम ढा रही ,

सझ धज के बैठी माता जी वाहा वाहा क्या बात है

भगतो के संग झूलो जागे की रात है,

लेके बलिया मात तेरी नजरे उतार लू,

कहती है साधना ये जीवन सवार दू,

हम तो ये रात मिल गई किस्मत की बात है

भगतो के संग झूलो जागे की रात है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।