॥ पावन पाठ ॥
नाम जपते सभी ग्यानी ध्यानी,
हम शरण मैया ज्वाला महारानी,
भोले की तुम को कहते सभी आत्मा,
आत्मा में मिली सब को परमात्मा,
है अलग सब से अनुपम कहानी,
हम शरण मैया ज्वाला महारानी,
भाव सेवा का तुझको अर्पण मैं करू,
अपना सुख दुःख भी मैं तुझको अर्पण करू,
बीते चरणों में ये जिंदगानी,
हम शरण मैया ज्वाला महारानी,
बैठी धन पूरी में मैया ज्वाला मेरी,
हरती विपता सभी की वो हर घडी,
सुन लो गौरव के मुँह की जुबानी,
हम शरण मैया ज्वाला महारानी,