माता बीच भवन में नाचे छम छम जवाला दो

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

माता बीच भवन में नाचे छम छम जवाला दो,

भ्र्म विष्णु शीश झुकाये फिर भोला जी डफली भजाये,

सारे भक्त का ध्यान रखे देखो माता ज्वाला तो,

माता बीच भवन में नाचे छम छम जवाला दो,

माँ ज्वाला की महिमा निराली रक्त की है मैया निराली,

देखो बीच गुफा में बैठी माता ज्वाला तो,

माता बीच भवन में नाचे छम छम जवाला दो,

रिंकी सोहने गीत सुनाये आसाराम जी गीत बनाये,

सारे संकट हटाये मेरी माता ज्वाला तो,

माता बीच भवन में नाचे छम छम जवाला दो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।