ममतामई झंडेवाली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माँ जय माँ

जय जय माँ जय जय माँ

सांचे दरबार की जय ......

भक्तों की सदा तू रखवाली

ममतामई झंडेवाली

ममतामई झंडेवाली

ममतामई शेरोवाली

भक्तों की सदा ............

दिल्ली में दरबार निराला रुतबा है मैय्या का आला

भक्तों की विपदा ताली ममतामई झंडेवाली

बद्री भगत ने दर्शन पाया मंदिर माँ आंबे का बनाया

नहीं जाता कोई खाली ममतामई झंडेवाली

मन्नत पूरी हो दर आकर खुशियों का मिलता है सागर

मिले पंकज तेन्नु खुशहाली ममतामई झंडेवाली

भक्तों की सदा...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।