हर ग्यारस जो खाटू जाते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर ग्यारस जो खाटू जाते श्याम भगीची भी जाना,

आलू सिंह के चरणों में इक धोक लगा आना,

हर ग्यारस जो खाटू जाते श्याम भगीची भी जाना,

चमत्कार फिर होगा ऐसा जो तुमने सोचा है,

गवा देना न समय ओ बंदे मिला भाग्ये से मौका है,

जय बाबा की बोल बोल के भाव से उन्हें रिजा लेना,

आलू सिंह के चरणों में इक धोक लगा आना,

हर ग्यारस जो खाटू जाते श्याम भगीची भी जाना,

गुरवार ने ही गांव गांव में श्याम की ज्योत जलाई है,

कितने दीं दुखी हारो की विपता पल में मिटाई है,

कहना है यही हमारा जय जय गुरुवार कहना,

आलू सिंह के चरणों में इक धोक लगा आना,

हर ग्यारस जो खाटू जाते श्याम भगीची भी जाना,

आलू सिंह की जब मूरतियाँ राखी जब घर लाइ है,

दिन दुगनी रात चौगनी श्याम की किरपा पाई है,

इसे ज्यादा क्या समजाओ पाना है तो समज जाना,

आलू सिंह के चरणों में इक धोक लगा आना,

हर ग्यारस जो खाटू जाते श्याम भगीची भी जाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।