सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कुंकु पतरी रे श्याम प्रेम पतरी

घनश्याम थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे यशोदा रो, कोई कहे देवकी रो

कोई कहे नन्द जी रो लाल कैसे लिखूं कुंकुं पतरी

सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे गोकुल वारो, कोई कहे मथुरा वारो

कोई कहे द्वारिका रो नाथ कैसे लिखूं कुंकुं पतरी

सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे राधा पति, कोई कहे रुकमणि पति

कोई कहे गोपियाँ रो श्याम, कैसे लिखूं कुंकुं पतरी

सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे माखन चोर, कोई कहे नंदकिशोर

नरसिंग तो करे पुकार कैसे लिखूं कुंकुं पतरी

सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे गइयां वालो, कोई कहे बंशी वालो

कोई कहे मदन गोपाल कैसे लिखूं कुंकुं पतरी

सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।