सपने में मेरे सपने में तेरा दरबार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सपने में मेरे सपने में तेरा दरबार आता है माँ,

हे भरोसा मेरा प्यार मुझको तेरा अब भुलाता है माँ,

कुछ दिन से मुझको सवेरे सवेरे,

होते है सपने में दर्शन माँ तेरे,

कभी तेरा भवन कभी तेरी गुफा कभी मुखड़ा तेरा,

मुस पूरा कर मेरा दिल लुभाता है माँ,

मंजूर अर्जी मेरी हो गई है,

लगता है मर्जी तेरी हो गई है,

शुकरियाँ शुकरियाँ माँ तेरा शुकरियाँ,

दर भुला ही लियाँ लो निभा ही लियाँ ये जो नाता है माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।