तेरा इन्तजार है मैया आंबे जी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरा इन्तजार है मैया आंबे जी,

हम को तुमसे प्यार है मेरी मैया जी ,

आपका भरोसा माँ आप का सहारा है,

आप हो दया के सागर दास ने पुकारा है,

नाव मझधार है मेरी मैया जी,

हम को तुमसे प्यार है मेरी मैया जी ,

कोई कहवे देवी दुर्गा कोई शेरोवाली माँ,

कोई कहे मात भवानी कोई जगदम्बे माँ,

दर पे तेरे आये है मैया आंबे जी,

हम को तुमसे प्यार है मेरी मैया जी ,

चाँद सितारे सारे इशारे पे चलते है,

कही पे अँधेरी राते कही द्वीप जलते है,

करुण पुकार है मेरी मैया जी,

हम को तुमसे प्यार है मेरी मैया जी ,

आपको हजारो बार मेरा नमस्कार है ,

मंदिर है सूंदर तेरा सच्चा वैष्णो धाम है,

किरण की पुकार है मेरी मैया जी,

हम को तुमसे प्यार है मेरी मैया जी ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।