आये नवराते घर में मैया जी आई

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आये नवराते घर में मैया जी आई,

आगे बजरंगी पीछे भेरो को लाइ,

आये नवराते घर में मैया जी आई,

पहले नवराते माँ शैलपुत्री आई,

दूजे नवराते माभरंचारणी आई,

तेजी नवराते माँ चंद्रघंटा आई

आये नवराते घर में मैया जी आई,

चौथे खुश्मांड़ा माँ दर्शन दिखाए,

इस्कन्ध माता माँ पचड़े दिन आये,

छठवे माँ कयतानी किरपा बरसाए,

आये नवराते घर में मैया जी आई,

सातवे माँ कालरात्रि माँ पधारी,

आठवे माँ गोरी लगे प्यारी प्यारी,

नोवी को सिद्ध माता आई,

आये नवराते घर में मैया जी आई,

कई रूप में माँ ने दर्शन दिखाए,

लाल चरण में घर में खुशियां बरसाए,

अपने गिरी को माँ गले से लगाई,

आये नवराते घर में मैया जी आई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।