हर पहरा हर दीवार को हम तोड़ के आएंगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हर पहरा हर दीवार को हम तोड़ के आएंगे,

माँ जब जब तू बुलाएगी,हम दौड़ के आएंगे,

हर पहरा हर दीवार को हम तोड़ के आएंगे,

माँ को तो वो भक्त लगे सब से प्यारे,

जो समजे माँ की महोबत को,

माँ के अंचल की खातिर जो ठुकरा दे जन्नत को,

दुनिया की हम खुशियों को छोड़ के आये गे

हर पहरा हर दीवार को हम तोड़ के आएंगे,

तू दया का सागर है और ममता की गागर,

और हर कश्ती का किनारा है ,

तेरी किरपा की ज्योति से सारे जग में उजियारा है,

तेरे दर पे हम अपने दिल को छोड़ के जायेगे

हर पहरा हर दीवार को हम तोड़ के आएंगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।