कण कण में माँ की सत्ता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कण कण में माँ की सत्ता ,

चाहे दिल्ली हो कलकत्ता

माँ आस्मां और चन्दर्मा में,

माँ भरम लोक और भ्र्म में,

माँ मुरली में और मोहन में,

माँ मथुरा में और मधुवन में,

बिना इसके हिले न पता

चाहे दिल्ली हो कलकत्ता

माँ माला में और मोती में,

माँ मनत में और मनौती में,

माँ मुसलमान और मस्जिद में,

माँ मक्का और महोबद में,

चाहे लोक जुकाते मथा,

चाहे दिल्ली हो कलकत्ता

माँ राम शाम भगवानो में माँ मंदिर और मकानो में,

माँ मिश्री और माखन में माँ हनुमान और लक्ष्मण में,

क्या झूठ अनाडी लिखता

चाहे दिल्ली हो कलकत्ता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।