गोकुल विच खुशिया छाइयाँ

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोकुल विच खुशिया छाइयाँ आज नंद घर पुत जमेया,

नर नरायन कमल नैन नन्द घर लगी आंदन दी झड़ी,

हो गइयाँ ने रुशनाइयाँ आज नंद घर पुत जमेया,

गोकुल विच खुशिया छाइयाँ आज नंद घर पुत जमेया,

ब्रिज वासी मिल ख़ुशी मनावन मंगल दीप वधाईयां गावन,

बजे बाजे ढोल शहनाइयां आज नंद घर पुत जमेया,

गोकुल विच खुशिया छाइयाँ आज नंद घर पुत जमेया,

नन्द भवन ते रंग रस बरसे नन्द यशोदा रोड़ी नचे,

नन्द लाल लवे अंगड़ाइयां आज नंद घर पुत जमेया,

गोकुल विच खुशिया छाइयाँ आज नंद घर पुत जमेया,

कृष्ण जन्म दिया धुमा पाइयाँ मधुप हरी तो लवे तलइयाँ,

मुहो मंगियां मुरादा पाइया आज नंद घर पुत जमेया,

गोकुल विच खुशिया छाइयाँ आज नंद घर पुत जमेया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।