लड्डू जैसा है लड्डू गोपाल

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लड्डू जैसा है लड्डू गोपाल,मुझे बड़ा प्यारा लगे,

नन्द यशोदा का ये बाल मुझे बड़ा प्यारा लगे,

गोल मटोल मेरा लड्डू गोपाला ,

बड़ा भोला भाला लगे जग से निराला,

लड्डू गोपाला जग से निराला,

बड़ा कोमल है रूप रसान,मुझे बड़ा प्यारा लगे,

लड्डू जैसा है लड्डू गोपाल,मुझे बड़ा प्यारा लगे,

दूध दही छाज से इसे नेहलाउ,

माखन मिश्री का भोग लगाऊ,

बड़ा नटखट है गोकुल का ग्वाल,मुझे बड़ा प्यारा लगे,

लड्डू जैसा है लड्डू गोपाल,मुझे बड़ा प्यारा लगे,

शीश मुकट पीताम्बर पहनाऊ,

नजर न लगे काला टिका लगाऊ,

राधा नाम की पहनाऊ माल मुझे बड़ा प्यारा लगे,

लड्डू जैसा है लड्डू गोपाल,मुझे बड़ा प्यारा लगे,

राधा का चित चोर संवारा सलोना,

खेले खिलोनो से ब्रिज का खिलौना,

खेल खेले मधुप ये तमाम,मुझे बड़ा प्यारा लगे,

लड्डू जैसा है लड्डू गोपाल,मुझे बड़ा प्यारा लगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।