तुने पानी में ज्योत जलाई तेरी जय हो ज्वाला माई

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तुने पानी में ज्योत जलाई तेरी जय हो ज्वाला माई

तुने राजा दष के जनम लिया

शिव शंकर के संग विवाह किया

तु तो पार्वती कहलाई तेरी जय हो ज्वाला माई

तुने.........

तेरे पिता ने यज्ञ रचाया था

और तुझको नही बुलाया था

तु तो बिन बुलाये चली आई तेरी जय हो ज्वाला माई

तुने.........

सब देवो का आह्वान हुआ

शिव शंकर का अपमान हुआ

तु तो हवन कुंड में समाई तेरी जय हो ज्वाला माई

तुने.........

शिव शंकर का जब क्रोद बडा

तब राजा दष का शीश कटा

तेरी कन्दहे में लाश उठाई तेरी जय हो ज्वाला माई

तुने........

मैया जहा जहा तेरे अंग गिरे

मैया वहा वहा तेरे मन्दिर बने

तु तो शक्तिपीठ कहलाई तेरी जय हो ज्वाला माई

तुने........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।