भुलाना ना याद करो ना करो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भुलाना ना याद करो ना करो,

भुलाना ना याद करो ना करो,

बीच भंवर में अटकी नैया,

तुम बिन मोहन कोन खिवैया।

इतनी विनय सुनो सांवरिया,

नैया डुबाना ना पार करो ना करो,

भुलाना................

तेरी शरण अाई दुखियारी,

दर दर भटकी दर्द की मारी,

ओ दुखभंजन ओ दुखाहारी,

मुझे ठुकराना ना प्यार करो ना करो,

भुलाना...................

घट घट वासी अन्तर्यामी,

क्या तुमने मेरी पीर जानी,

दिल के जख्मों को हे स्वामी,

तुम भी दुखाना ना पीर हरो ना हरो,

भुलाना.................

अवधेश राणा

6395870827

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।