हार के मैं आया हूँ तेरे दरबार में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हार के मैं आया हूँ तेरे दरबार में

तेरे ही भरोसे चलती भगतों की नाव रे

सुना तेरी चौखट पे कोई नहीं हारा है

यही सुनकर तो बाबा दास तेरा आया है

लाज मेरी रखना बाबा अपने खाटू धाम में

तेरे ही भरोसे चलती भगतों की नाव रे

आज अपने दिल की बात भक्त बताएगा

भजनो की गंगा से वो तुमको रिझायेगा

आज सुनवाई होगी सांचे दरबार में

तेरे ही भरोसे चलती भगतों की नाव रे

दुनिया में डंके बजते बाबा तेरे नाम के

कुछ तो हक़ीक़त होगी तेरे खाटू धाम में

संजीव की दुनिया बाबा तेरे चरणों धाम में

तेरे ही भरोसे चलती भगतों की नाव रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।