मस्ती में श्याम तेरे डोलने लगा

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मस्ती में श्याम तेरे डोलने लगा,

नींद में भी नाम तेरा बोलने लगा,

लोग मुझसे पूछे श्याम लगता तेरा क्या,

कैसे समझाऊं के तू यार है मेरा,

मुझे ऐसा लगे तू अपने जैसा लगे,

तेरे बिन तो ये दिल मेरा बेचैन हो गया,

मैं तेरा हाय रे सांवरा,होय रे सांवरा फैन हो गया,

मैं तेरा हाय रे बांवरा,होय रे सांवरा फैन हो गया,

सुबह शाम मंदिर में आता हूँ मैं,

दिल की सारी बातें बताता हूँ मैं,

कीर्तन तेरा कभी भी मिस नहीं किया,

हर घड़ी ही हाज़री बजाता हूँ मैं,

मुझे ऐसा लगे तू अपने जैसा लगे,

सौरभ मधुकर का तू पक्का फ्रेंड हो गया...

मैं तेरा हाय रे सांवरा,होय रे सांवरा फैन हो गया,

मैं तेरा हाय रे बांवरा,होय रे सांवरा फैन हो गया,

भजन गायक - सौरभ मधुकर

रचयिता - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।