अब सतलोक से उतरो माँ गंगे माँ गंगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ओ गंगे माँ गंगे अब सतलोक से उतरो माँ गंगे माँ गंगे,

भागी रथ की आन बचाने माँ पतितो को पावन करने.

सत्ये लोक से धरती पर अब उतरो माँ गंगे,

खड़े शम्भू है स्वागत में माँ तुम उनका समान करे,

इस व्शुन्द्रा के कं कं को अपनी ममता का दान करो,

सत्ये लोक से अब धरती पर उतरो,

माँ गंगे माँ गंगे

ब्रह्म देव की मर्यादा का माँ गंगे तुम सतिकार करो,

श्रृष्टि रचयिता की रचना का तुम पावन शिंगार करो,

सत्य लोक से अब धरती पर उतरो,

माँ गंगे माँ गंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।