नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ झूमो रे सब आज

सौरभ मधुकर
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॥ पावन पाठ ॥

नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ झूमो रे सब आज की दादी आई है,

आई है माँ आई है,भगतां कै घर आई है..

नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ,झूमो रे सब आज की दादी आई है |

झुंझनवाली दादी माँ सिंह पे चढ़कर आई है,

सिंह पे चढ़कर आई माँ,रूप अनोखा सजाई है |

महिमा भारी लीला न्यारी,कलयुग की अवतार की दादी आई है,

नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ झूमो रे सब आज की दादी आई है |

सिर चुनड़िया तारा की,माथे मोरलो न्यारो है,

गल विच हार है हीरा को,लागे सबनै प्यारो है,

काना कुंडल रंग-बिरंगा,गल फूलां को हार,की दादी आई है,

नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ झूमो रे सब आज की दादी आई है |

लाल चूड़लो हांथां में,मेंहदी लाल रचाई है,

हीरा जड़ी नथ अति प्यारी,माथे बिंदिया लगाईं है,

छम छम करती पायल बाजे,देखो हर्ष अपार,

के दादी आई है,

नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ झूमो रे सब आज की दादी आई है |

ऐसो रूप सजाकर माँ,भगतां कै घर आई है,

जो चाहे थें मांग ल्यो,आज खजानों ल्याई है,

झोली भरलो दर्शन करलो,है माँ लखदातार,

के दादी आई है,

नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ झूमो रे सब आज की दादी आई है |

नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ झूमो रे सब आज की दादी आई है,

आई है माँ आई है,भगतां कै घर आई है..

नाचो गाओ ख़ुशी मनाओ,झूमो रे सब आज की दादी आई है |

भजन गायक - सौरभ मधुकर

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।