इंसाना कोई बलवान जी श्री बाला जी हनुमान जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अरे लांग समुन्दर लंका अंदर कूद गए हनुमान जी,

इंसाना कोई बलवान जी श्री बाला जी हनुमान जी,

सारा जग करता इनकी बड़ाई जी,

असुर संगारे और लंका जलाई जी,

ये जितने निशर पटक पटक कर पहुंचा दिया श्मशान जी,

इंसाना कोई बलवान जी श्री बाला जी हनुमान जी,

मेघनाथ इन्हे जब पकड़ ने आया जी,

ब्रह्म वास देख हनुमान मुस्काया जी,

श्री राम मना के फिर सिर को झुका के रखा भ्र्म का मान जी,

इंसाना कोई बलवान जी श्री बाला जी हनुमान जी,

रावण ने देखा जब वीर हनुमान को,

भूल गया सुध बुध बनी आई जान को,

बड़े बलकारी शिव अवतारी कहते वेद पुराण जी,

इंसाना कोई बलवान जी श्री बाला जी हनुमान जी,

बाला जी सा देव नहीं दूजा कोई और जी,

यहाँ देखो प्यार वही बाला जी का जोर जी,

कहे भीम सेन मिले दिल को चैन जो इनका करे गुणगान जी

इंसाना कोई बलवान जी श्री बाला जी हनुमान जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।