तेरी मैं कमली होइ आ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी मैं कमली होइ आ मैं सारी रात न सोइ आ ,

वे सोहनियाँ श्याम तेरी मैं हो गई,

तेरी मैं कमली होइ आ मैं सारी रात न सोइ आ ,

तेरे बिन इस जग सारे विच सोहना कुझ भी लगदा न,

जद दा वेखा रूप तेरे होर ता कोई जच्दा न,

सूरत तेरी दिल विच वस् गई है नैन मेरे पागल कर गई है,

वे सोहनियाँ श्याम तेरी मैं हो गई,...........

जी करदा तेरी अखियां दे प्रेम प्याले पी जावा,

जी करदा तेरी सोहनी चितवन ढोल के सारी पी जावा,

मेरी नस नस विच वस् जा तू कृष्ण आज मेरा बन जा तू,

वे सोहनियाँ श्याम तेरी मैं हो गई,...........

रूप तेरे न वेख वेख के दिल ता मेरा रजे न,

वारे तेरे ते लूँ ते मिर्चा नजर किसी दी लगे न,

सदा ही हसदा रवे तू दिला विच वसदा वे तू,

वे सोहनियाँ श्याम तेरी मैं हो गई,...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।